जौनपुर।
खेतासराय थाना क्षेत्र में डॉक्टर सुनील राजभर की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई खेतासराय पुलिस टीम द्वारा शुक्रवार 22 जनवरी 2026 को की गई। पुलिस के अनुसार, यह मामला बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक डॉक्टर सुनील राजभर (पुत्र सुरेंद्र राजभर, निवासी बरजी, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर) का आरोपी महिला हीना (पुत्री रोशन, निवासी ग्राम बरजी) से लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच फोन और व्हाट्सएप के जरिए लगातार बातचीत होती थी।
शादी का दबाव और मानसिक प्रताड़ना
पूछताछ में आरोपी हीना ने पुलिस को बताया कि वह डॉक्टर सुनील राजभर से विवाह करना चाहती थी और इसी को लेकर वह उस पर लगातार दबाव बना रही थी। कई बार साथ लेकर कहीं चले जाने की बात भी कही गई। विवाह से इनकार करने पर आत्महत्या की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
डॉक्टर सुनील का कहना था कि उस पर कर्ज है और कुछ परीक्षाएं भी देनी हैं, इसलिए फिलहाल वह शादी नहीं कर सकता। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।
घटना से पहले की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को आरोपी द्वारा बार-बार फोन कर दबाव बनाए जाने से डॉक्टर सुनील मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था। मजबूरी में उसने रात में अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। इसके बावजूद आरोपी लगातार संपर्क करने का प्रयास करती रही।
सुबह जब सूचना मिली कि डॉक्टर सुनील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, तो आरोपी ने अपने मोबाइल को फॉर्मेट कर दिया, ताकि सबूत न मिल सकें।
मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे
पुलिस ने मृतक डॉक्टर के मोबाइल फोन और आरोपी महिला के फॉर्मेट किए गए मोबाइल को जब्त कर लिया है। दोनों मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजे जाएंगे, जिससे कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा सकें।
गिरफ्तारी का विवरण
पुलिस ने आरोपी हीना को धारा 108 बीएनएस में उसके घर के बाहर से सुबह करीब 11:15 बजे गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे नियमानुसार माननीय न्यायालय, जौनपुर भेजा गया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह
हेड कांस्टेबल सलीम खान
कांस्टेबल बृजेश यादव
महिला कांस्टेबल सुमन
पुलिस का कहना
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन विवेचना की जा रही है और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम में डिजिटल और परिस्थितिजन्य सबूतों को मजबूत किया जा रहा है।
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