शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और मारपीट के गंभीर आरोप; पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र की 22 वर्षीय युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने, मारपीट, मोबाइल छीनने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाने पहुंचने से पहले ही गुरुवार दोपहर युवती ने कथित तौर पर विषाक्त पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अचेत अवस्था में युवती को अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना खुटहन पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने शिकायत में नामजद बताए जा रहे आरोपियों को थाने पर बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार मामले के सभी संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में युवती ने आरोप लगाया है कि उसके गांव में आशीष यादव की मौसी का घर है। वहां आते-जाते आशीष यादव ने उसे प्रेम-मोहब्बत के जाल में फंसा लिया। शिकायत के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12:30 बजे आशीष यादव पुत्र इन्द्रमान यादव और अशोक यादव पुत्र राम भोले यादव, निवासी वीरमपुर, थाना खुटहन, उसे बहला-फुसलाकर वीरमपुर स्थित एकांत स्थान पर पम्पिंगसेट के पास ले गए।
युवती का आरोप है कि वहां उसके माता-पिता और उसकी हत्या करने की धमकी देते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद वह करीब दो माह की गर्भवती हो गई। उसने कथित तौर पर आशीष यादव और उसकी मां मीना देवी को इसकी जानकारी दी। आरोप है कि शादी कराने का भरोसा देकर उसे गर्भपात की दवा खिला दी गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
थाना बदलापुर और खुटहन के बीच दौड़ाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, घटना की शिकायत लेकर वह थाना खुटहन पहुंची तो उसे बताया गया कि उसका थाना बदलापुर है। इसके बाद उसने बदलापुर थाने में प्रार्थना पत्र दिया तो वहां से घटना स्थल थाना खुटहन क्षेत्र का बताते हुए उसे वापस खुटहन भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि थानों के चक्कर लगाने के बाद उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके बाद खुटहन पुलिस ने आशीष यादव के नाबालिग होने की बात कहते हुए उस पर दबाव बनाकर समझौता करा दिया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में लाइन बाजार जौनपुर में किराए के मकान में रहने के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ दोबारा घटना की। इस मामले में लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज होने और आशीष यादव के जेल जाने का भी उल्लेख किया गया है।
मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने का आरोप
प्रार्थना पत्र में 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे की घटना का भी उल्लेख है। युवती के अनुसार, अशोक यादव की पत्नी और आशीष की बहन अशिका यादव ने फोन कर उसे बुलाया और पुरानी बातों को भूल जाने तथा अशोक यादव के घर आने के लिए कहा।
शिकायत के अनुसार, उनकी बातों पर विश्वास कर युवती अशोक यादव के घर पहुंची। वहां लाइन बाजार में दर्ज मुकदमे में सुलह करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि इसके बाद उसे बाग में ले जाया गया, जहां अशोक यादव की पत्नी समेत तीन-चार महिलाओं और दो अज्ञात पुरुषों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़िता ने बाल पकड़कर घसीटने, लात-मुक्के और चप्पलों से पीटने तथा कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया है।
युवती का कहना है कि उसने घटना के दौरान 112 और 1090 पर फोन किया। शिकायत के मुताबिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे अचेत अवस्था में एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुटहन पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। उसने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल भी छीन लिया गया।
एसपी से कार्रवाई की मांग से पहले उठाया आत्मघाती कदम
गंभीर आरोपों को लेकर युवती आज दोपहर पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग करने के लिए पहुंचने वाली थी। इसी दौरान उसने कथित तौर पर विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर उपचार के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना खुटहन पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने शिकायत में बताए गए सभी संबंधित आरोपियों को हिरासत में ले लिया है|
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस दस्तावेज से नहीं होती है। पुलिस जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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