30 अगस्त की सुबह घर से लापता हुआ था दीपक विश्वकर्मा, परिजनों ने जारी किया था गुमशुदगी का पोस्टर; मौत की वजह स्पष्ट नहीं
खुटहन (जौनपुर)। खुटहन थाना क्षेत्र के मुजक्कीपुर गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन दिन से लापता चल रहे 30 वर्षीय युवक दीपक विश्वकर्मा का शव घर से कुछ दूरी पर बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
मृतक दीपक विश्वकर्मा पुत्र सुरेंद्र विश्वकर्मा मुजकीपुर गांव के निवासी थे और फर्नीचर का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, 30 अगस्त की सुबह करीब पांच बजे दीपक घर से लापता हो गए थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
दीपक के नहीं मिलने पर परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए पोस्टर भी जारी किया था। परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे। इसी बीच मंगलवार को घर से कुछ दूरी पर उनका शव मिलने की सूचना मिली।
शव मिलने की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना खुटहन थाना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।
दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनकी मृत्यु का कारण क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल युवक की मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और पुलिस जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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