पुलिस मुठभेड़ में लाइनबाजार थाना प्रभारी घायल, एक अन्य अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट से बचे
जौनपुर। जिले के बहुचर्चित दूल्हा हत्याकांड में शामिल कुख्यात अपराधी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश रवि यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई खेतासराय थाना क्षेत्र के गोरारी गांव के पास देर रात हुई। मुठभेड़ के दौरान लाइनबाजार थाना प्रभारी केके सिंह गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक अन्य पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने से उनकी जान बच गई।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दूल्हा हत्याकांड में वांछित रवि यादव अपने एक साथी के साथ बाइक से क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही कई थानों की फोर्स तथा क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दी। खुद को पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि यादव मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गौरतलब है कि 1 मई को खेतासराय थाना क्षेत्र के मनेछा गांव के पास दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़ऊर गांव निवासी 21 वर्षीय आजाद बिंद की बारात जमदहा बीबीपुर गांव जा रही थी। दूल्हा बने आजाद बिंद गाजे-बाजे के साथ कार से बारात लेकर निकले थे। जैसे ही उनकी गाड़ी मनेछा बादशाही के पास पहुंची, बाइक सवार बदमाशों ने कार के बराबर पहुंचकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल आजाद बिंद को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच में सामने आया कि दुल्हन के ममेरे भाई प्रदीप बिंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना की साजिश रची थी।
इस हत्याकांड के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। अब मुख्य आरोपी रवि यादव के एनकाउंटर में मारे जाने को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
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