दिदखोरा में पीडब्ल्यूडी की 1050 मीटर सड़क पर उठे सवाल, 100 मीटर तक नहीं बनी पटरी; जांच और कार्रवाई की मांग
खुटहन (जौनपुर)। विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सदर विधानसभा क्षेत्र के दिदखोरा गांव में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा करीब तीन माह पूर्व निर्मित सड़क अब बदहाल होने लगी है। सड़क की गिट्टियां जगह-जगह उखड़ रही हैं, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर डामर भी पर्याप्त मात्रा में नहीं डाला गया। निर्माण के इतने कम समय में सड़क की हालत बिगड़ने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार ईश नारायण यादव के चक से हरिजन बस्ती होते हुए कलापुर तक लगभग 1050 मीटर लंबी सड़क का निर्माण लाखों रुपये की लागत से कराया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि वर्षों तक आवागमन सुगम रहेगा, लेकिन महज तीन माह के भीतर ही सड़क की परत उखड़ने लगी। जगह-जगह गिट्टियां निकल आने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। घटिया गुणवत्ता की गिट्टी और अन्य सामग्री का उपयोग किए जाने के कारण सड़क समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई। उनका कहना है कि यदि निर्माण गुणवत्ता के अनुरूप हुआ होता तो इतनी जल्दी सड़क की यह स्थिति नहीं होती।
इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने बताया कि करीब 100 मीटर हिस्से में सड़क की पटरी (शोल्डर) भी नहीं बनाई गई है। इससे बरसात के दिनों में सड़क के किनारे कटाव होने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे निर्माण के कारण लोगों को हर दिन जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
गांव के संजय, राजेंद्र प्रसाद, नंदलाल, राजाराम, संतलाल और छटंकी समेत अन्य ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी धन से बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को लंबे समय तक उसका लाभ मिल सके। अब लोगों की निगाहें पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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